न्याय की आस में भटक रही रामनगर की प्रिया, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत से सुरक्षा और आरोपितों पर कार्रवाई की मांग।

न्याय की आस में भटक रही रामनगर की प्रिया यशोदा, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत से सुरक्षा और आरोपितों पर कार्रवाई की मांग।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

 

 

रामनगर। देश को आजाद हुए करीब 79 साल बीत चुके हैं, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के दावों के बीच आज भी कई महिलाएं न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। रामनगर की रहने वाली प्रिया यशोदा का मामला भी कुछ ऐसा ही है। महिला का आरोप है कि वह लंबे समय से न्याय और सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन से लेकर तहसील और न्यायालय तक के चक्कर काट रही है, लेकिन उसे अब तक राहत नहीं मिल पाई है।

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महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से तमाम कानून और योजनाएं बनाई जा रही हैं, लेकिन प्रिया देवी का मामला इन व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रहा है। पीड़िता का कहना है कि उत्पीड़न के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा की मांग को लेकर वह लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रही है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।

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सोमवार को जब कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत रामनगर पहुंचे तो प्रिया देवी ने उनसे मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताई और सुरक्षा के साथ न्याय दिलाने की गुहार लगाई। महिला ने अपनी समस्या के समाधान और उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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अब देखना यह होगा कि कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, रामनगर कोतवाल और एसडीएम गोपाल सिंह चौहान इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। क्या यशोदा देवी को न्याय मिल पाएगा और क्या उसकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी? फिलहाल महिला न्याय की आस में अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है।