
कॉर्बेट में वन्यजीव सप्ताह का आगाज, बच्चों की साइकिल रैली ने दिया बड़ा संदेश, बोले- जंगल बचेंगे तो हम बचेंगे।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
रामनगर। विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में गुरुवार को साइकिल रैली के साथ वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ हुआ। वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित रैली में स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। क्षेत्रीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने रिबन काटकर रैली को रवाना किया।
रैली में शामिल बच्चों ने अपनी साइकिलों पर पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े आकर्षक संदेश लिखे पर्चे लगाए थे। इन संदेशों के जरिए बच्चों ने राहगीरों और स्थानीय लोगों को प्रकृति की रक्षा के प्रति जागरूक किया। किसी साइकिल पर ‘प्रकृति का न करें हरण, आओ बचाएं पर्यावरण’, तो किसी पर ‘एक पेड़ दस पुत्र के समान’ का संदेश नजर आया। वहीं, ‘डोंट किल द ब्यूटी ऑफ जंगल’ और ‘हर पैडल का एक संदेश, वन्यजीव संरक्षण हमारा उद्देश्य’ जैसे नारों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
रैली के दौरान बच्चों ने ‘जंगल बचेंगे तो हम बचेंगे’ का संदेश देते हुए लोगों से प्रदूषण कम करने और वनों की कटाई रोकने की अपील की। कक्षा दो के छात्र प्रनिल शर्मा ने कहा कि साइकिल चलाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होने के साथ ही प्रदूषण भी कम करता है। पेट्रोल और डीजल से निकलने वाला धुआं इंसानों के साथ वन्यजीवों के लिए भी नुकसानदायक है।
छात्र विवान उप्रेती ने कहा कि रैली के माध्यम से लोगों को स्वस्थ रहने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं, कक्षा सात की छात्रा ऋद्धि शर्मा ने कहा कि रैली का उद्देश्य वनों की कटाई और प्रदूषण रोकने के साथ प्रकृति एवं वन्यजीवों को बचाने का संदेश देना है।
कार्यक्रम के दौरान हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इसमें बच्चों और अन्य प्रतिभागियों ने पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण की शपथ ली और हस्ताक्षर कर अपनी प्रतिबद्धता जताई।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने बताया कि वन्यजीव सप्ताह की शुरुआत साइकिल रैली से की गई है। बच्चों की भागीदारी से संरक्षण का संदेश समाज के बड़े वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि रैली के बाद सांवल्दे में अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें वन्यजीव कॉरिडोर, वन्यजीव प्रबंधन और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। विभाग का उद्देश्य संभावित घटनाओं की पहले से पहचान कर उनकी रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाना है।







