
घर-घर जुटेगा जनसंख्या का आंकड़ा, हल्द्वानी में फील्ड ट्रेनरों को मिला प्रशिक्षण।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
हल्द्वानी। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना को सुचारू, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला उद्योग केंद्र, हल्द्वानी में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 54 फील्ड ट्रेनरों को जनगणना की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं और व्यावहारिक कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी डॉ. मुकेश सिंह नेगी ने मुख्य संदर्भदाता तथा जनगणना मास्टर ट्रेनर यश ने प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर आगे अपने-अपने नगर निगमों और तहसीलों में प्रगणकों को प्रशिक्षण देंगे।
16 नवंबर से शुरू होगी स्वगणना
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि स्वगणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की अवधि 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक निर्धारित है। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक जनसंख्या गणना की जाएगी।
परिवारों से पूछे जाएंगे विभिन्न विषयों से जुड़े सवाल
जनगणना के दौरान परिवार अनुसूची के माध्यम से नागरिकों से व्यक्तिगत, सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। इसमें नाम, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, जाति एवं जनजाति, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, रोजगार, व्यवसाय, प्रवासन और निवास स्थान से संबंधित विवरण शामिल होंगे।
इसके अतिरिक्त निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगता, पारिवारिक जानकारी, जीवित बच्चों की संख्या, कोविड-19 टीकाकरण, बैंक खातों की संख्या तथा उपलब्धता के आधार पर मोबाइल नंबर और पहचान दस्तावेजों से संबंधित जानकारी भी पूछी जा सकती है। पहचान दस्तावेजों का विवरण स्वैच्छिक अथवा उपलब्धता पर आधारित बताया गया है।
समयबद्ध और त्रुटिरहित गणना पर जोर
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य फील्ड ट्रेनरों को जनगणना की तकनीकी एवं व्यावहारिक बारीकियों से अवगत कराना रहा, ताकि वे प्रगणकों को प्रभावी प्रशिक्षण दे सकें और जनसंख्या गणना निर्धारित समयसीमा में संपन्न हो सके।
इस अवसर पर नगर निगम के अधिकारी गजेंद्र पाल सिंह ने भी प्रतिभागियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा आगामी चरण में प्रगणकों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया की जानकारी दी।







