बैंक कर्मियों समेत विभिन्न ट्रेड यूनियंस के द्वारा दो दिवसीय देशव्यापीह ड़ताल के दौरान नारेबाजी कर अपना विरोध प्रकट किया।

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उधम सिंह राठौर –  प्रधान संपादक

काशीपुर – देशभर में आज से ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर प्रदेशभर के अन्य स्थानों के साथ-साथ काशीपुर में भी देखने को मिल। इस हड़ताल के तहत काशीपुर में बैंक कर्मियों समेत विभिन्न ट्रेड यूनियंस के द्वारा हड़ताल के दौरान नारेबाजी कर अपना विरोध प्रकट किया गया। आपको बताते चलें कि बैंक कर्मचारियों की यूनियनों के एक वर्ग ने सोमवार और मंगलवार की इस दो दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया है। सरकार की जन-विरोधी आर्थिक नीतियों और श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच और विभिन्न क्षेत्रों की स्वतंत्र श्रमिक यूनियनों ने दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। इनकी प्रमुख मांगों में श्रम संहिता को समाप्त करना, किसी भी प्रकार के निजीकरण को रोकना, राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन एनएमपी) को समाप्त करना, मनरेगा के तहत मजदूरी के लिए आवंटन बढ़ाना और ठेका श्रमिकों को नियमित करना शामिल है।

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इस हड़ताल के तहत काशीपुर में बैंक कर्मियों ने माता मंदिर रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के गेट पर प्रदर्शन किया तथा अपना विरोध प्रकट किया। इस दौरान हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि हड़ताल में शामिल होने का हमारा मुख्य उद्देश्य यह है कि बैंकों का निजीकरण हो तथा बैंकों को निजी हाथों में न दिया जाए। उन्होंने कहा कि बैंकों में बाहर ही व्यक्तियों को बुलाकर आउटसोर्सिंग के जरिए बैंक का काम कराया जाता है वह बंद होना चाहिए और बैंकों में तत्काल नई भर्ती करनी चाहिए जिससे कि भर्ती नही होने से बैंक में मौजूद कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ न हो।

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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार यदि इस दो दिवसीय हड़ताल से नहीं चेती तो आगे भविष्य में और भी उग्र रूप से आंदोलन और हड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि 2 दिन की बैंक की हड़ताल से काशीपुर में 300 से 400 करोड़ रुपए के नुकसान होने का अनुमान है वहीं साथ ही उन्होंने ग्राहकों को होने वाली परेशानियों के लिए खेत व्यक्त किया तथा उन्होंने कहा कि ग्राहकों को होने वाली असुविधा के लिए सरकार जिम्मेदार है।

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