धरने पर बैठे गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के सयुंक्त कर्मचारी महासंघ,10 अप्रैल 2023 से दोनों मंडलों की समस्त पर्यटन इकाइयों में पूर्ण तालाबंदी करते हुए सम्पूर्ण कर्मचारी देहरादून मुख्यालय में करेंगे आंदोलन।

अमित नौटियाल  – संवाददाता

देहरादून- मांगे पूरी न होने पर गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के सयुंक्त कर्मचारी महासंघ ने एक बार फिर से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संयुक्त कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी और महासचिव ओमप्रकाश भट्ट ने बताया कि कर्मचारी महासंघ ने अपने पत्र संख्या 39 26 मार्च 2023 के माध्यम से उत्तराखण्ड शासन, गढ़वाल मण्डल विकास निगम और कुमांऊ मण्डल विकास निगम के प्रबन्धनों को 04 अप्रैल 2023 तक दोनों निगमों के दैनिक कर्मचारियों को One Time Settlement के तहत विनियमितिकरण किए जाने के आदेश जारी करने की मांग की गई थी, लेकिन आज तक उत्तराखण्ड शासन और दोनों निगम प्रबन्धनों द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है।

यह भी पढ़ें 👉  मुसीबत में एक कॉल बनेगी सुरक्षा की ढाल”—SSP डॉ. मंजुनाथ टीसी, SP संचार रेवाधर मठपाल के नेतृत्व में छात्राओं को सिखाया गया Dial-112 और SOS का इस्तेमाल, आपात स्थिति में घबराएं नहीं, SOS दबाएं या 112 डायल करें—पुलिस हर समय आपकी सहायता के लिए तैयार।

 

 

इसके साथ उन्होंने कहा कि मांग पर कार्यवाही न किए जाने के कारण मजबूरन कर्मचारी महासंघ को बाध्य होकर आन्दोलन करना पड़ रहा है। वहीं गढ़वाल मण्डल विकास निगम के देहरादून स्थित मुख्यालय में 200 से अधिक कर्मचारियों और कुमांऊ मण्डल विकास निगम के नैनीताल स्थित मुख्यालय में 200 से अधिक कर्मचारियों द्वारा अनिश्चितकालीन आन्दोलन आरम्भ कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  छात्र संघ चुनाव के अवैध पोस्टरों पर पुलिस-नगर निगम की कार्रवाई, प्रचार सामग्री हटाई।

 

 

साथ ही आन्दोलित कर्मचारियों द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि 10 अप्रैल 2023 से दोनों मण्डलों की समस्त पर्यटन इकाईयों में पूर्ण तालाबन्दी करते हुए सम्पूर्ण कर्मचारी देहरादून मुख्यालय में आन्दोलन करेंगें, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार और निगम प्रबन्धन की होगी।