
कोसी नदी में 10 टायरा ट्रकों के संचालन पर भड़के कारोबारी, रणजीत रावत बोले—तुरंत रोक नहीं लगी तो कांग्रेस करेगी उग्र आंदोलन।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
रामनगर। कोसी नदी के खनन गेटों पर 10 टायरा ट्रकों के संचालन को प्रतिबंधित करने की मांग को लेकर सोमवार को पूर्व विधायक रणजीत रावत के नेतृत्व में स्थानीय ट्रांसपोर्टरों, कारोबारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तराई पश्चिमी वन प्रभाग कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने प्रभागीय वनाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 10 टायरा ट्रकों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
पूर्व विधायक रणजीत रावत ने कहा कि कोसी नदी में 10 टायरा ट्रकों से खनन सामग्री का अभिवहन नियमों के विपरीत है। उनका कहना है कि प्रचलित खनन नीति में भी 10 टायरा ट्रकों से अभिवहन का उल्लेख नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में स्थानीय कारोबारियों के विरोध के बाद वन विभाग और खनन कारोबारियों की संयुक्त बैठक में भी ऐसे वाहनों के संचालन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया था।
रावत ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले नदी के गेटों पर 10 टायरा ट्रकों का संचालन जारी है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और कारोबारियों के रोजगार पर असर पड़ रहा है। साथ ही पर्यावरणीय दृष्टि से भी इस व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है।
उन्होंने वन विभाग से मांग की कि कोसी नदी के सभी खनन गेटों पर 10 टायरा ट्रकों के संचालन को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए। रावत ने चेतावनी दी कि मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी स्थानीय लोगों और कारोबारियों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी।
ज्ञापन देने के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष रामनगर देशबंधु रावत, नगर अध्यक्ष भुवन शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष मालधन ओमप्रकाश, महिला कांग्रेस नगर अध्यक्ष ललित उपाध्याय, उषा जोशी, पुष्पा देवी, जिला उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल खुलासा, भुवन पांडे, सभासद एडवोकेट विक्रम भट्ट, सभासद मोहम्मद अजमल, ममता आर्या समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय खनन कारोबारी और ट्रांसपोर्टर मौजूद रहे।







