रामनगर में ई-रिक्शा चालकों का प्रदर्शन, ‘BAT’ ऐप से वाहन बंद कर अवैध वसूली का आरोप, करीब 300 टुकटुक जीआईसी ग्राउंड में खड़े कर जताया विरोध, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन।

रामनगर में ई-रिक्शा चालकों का प्रदर्शन, 'BAT' ऐप से वाहन बंद कर अवैध वसूली का आरोप, करीब 300 टुकटुक जीआईसी ग्राउंड में खड़े कर जताया विरोध, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन।
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रामनगर में ई-रिक्शा चालकों का प्रदर्शन, ‘BAT’ ऐप से वाहन बंद कर अवैध वसूली का आरोप, करीब 300 टुकटुक जीआईसी ग्राउंड में खड़े कर जताया विरोध, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर में गुरुवार को ई-रिक्शा चालकों ने कथित रूप से एक मोबाइल ऐप के जरिए वाहनों को बीच रास्ते में बंद किए जाने और उसके बाद उन्हें दोबारा चालू करने के नाम पर अवैध वसूली किए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 300 ई-रिक्शा चालकों ने अपने वाहन नार्मल स्कूल जीआईसी ग्राउंड में खड़े कर विरोध दर्ज कराया और बाद में उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एसडीएम गोपाल सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।

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ज्ञापन में चालकों ने आरोप लगाया कि एक विशेष ‘BAT’ ऐप के माध्यम से उनके ई-रिक्शा को कहीं भी अचानक बंद कर दिया जाता है। उनका कहना है कि कई बार वाहन में मरीज, बुजुर्ग और बच्चे सवार होते हैं, ऐसे में बीच रास्ते में वाहन बंद होने से यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। चालकों ने यह भी कहा कि कई बार ई-रिक्शा सुनसान और जंगल वाले मार्गों पर बंद हो जाते हैं, जिससे चालक और सवारियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

 

 

ई-रिक्शा चालकों का आरोप है कि वाहन बंद होने के बाद कुछ लोग उनसे संपर्क कर पैसे देने के बदले वाहन दोबारा चालू करने की बात करते हैं। उनका दावा है कि यह संगठित तरीके से की जा रही अवैध वसूली का मामला है। चालकों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी पुलिस को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

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प्रदर्शन के दौरान चालकों ने प्रशासन से मांग की कि ऐप के माध्यम से ई-रिक्शा को अनधिकृत रूप से नियंत्रित करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे बिना वैधानिक प्रक्रिया के किसी भी वाहन को बीच रास्ते में बंद न किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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वहीं, उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि ई-रिक्शा चालकों द्वारा दिए गए ज्ञापन के आधार पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नोट: खबर में ‘BAT’ ऐप के माध्यम से ई-रिक्शा बंद करने और अवैध वसूली के आरोप ई-रिक्शा चालकों द्वारा लगाए गए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।


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