दाबका में समय से पहले पूरा हुआ लक्ष्य, पिछले वर्ष की तुलना में 19 करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राप्त। कोसी और दाबका नदियों में खनन सत्र 2025-26 सफलतापूर्वक सम्पन्न, 34.52 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित।

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दाबका में समय से पहले पूरा हुआ लक्ष्य, पिछले वर्ष की तुलना में 19 करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राप्त।

कोसी और दाबका नदियों में खनन सत्र 2025-26 सफलतापूर्वक सम्पन्न, 34.52 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर। उत्तराखण्ड वन विकास निगम के खनन प्रभाग रामनगर ने खनन सत्र 2025-26 के दौरान कोसी एवं दाबका नदियों में उपखनिज चुगान का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। निगम द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कोसी नदी में खनन कार्य 19 जून 2026 को शासन द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि तक संचालित किया गया, जबकि दाबका नदी में स्वीकृत लक्ष्य पूर्ण होने के कारण 31 मई 2026 को ही खनन कार्य बंद कर दिया गया था।

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खनन सत्र के दौरान कोसी नदी से 9,61,474.30 घन मीटर तथा दाबका नदी से 1,28,371.54 घन मीटर उपखनिज का उत्पादन हुआ। कोसी नदी में स्वीकृत लक्ष्य का 95.2 प्रतिशत तथा दाबका नदी में लगभग 100 प्रतिशत उत्पादन प्राप्त किया गया।

 

 

 

वन विकास निगम के अनुसार दोनों नदियों से कुल 34 करोड़ 52 लाख 82 हजार 730 रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। इसमें रॉयल्टी, जिला खनन न्यास, परिचालन व्यय, जीएसटी तथा आयकर सहित विभिन्न मदों से राजस्व प्राप्त हुआ।

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प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि खनन कार्य पर्यावरणीय स्वीकृतियों एवं निर्धारित शर्तों के पूर्ण अनुपालन के साथ संचालित किया गया। खनन क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए गए तथा शीतकाल के दौरान उन्हें कम्बलों का वितरण भी किया गया।

 

 

 

अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए सभी निकासी गेटों पर नियमित निगरानी रखी गई तथा जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

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वन विकास निगम के अनुसार गत खनन सत्र 2024-25 की तुलना में इस वर्ष उत्पादन और राजस्व दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस सत्र में प्राप्त कुल राजस्व पिछले वर्ष की अपेक्षा लगभग 19.04 करोड़ रुपये अधिक रहा।

 

 

प्रभागीय प्रबन्धक (खनन) ने बताया कि उत्तराखण्ड वन विकास निगम पारदर्शी खनन, पर्यावरण संरक्षण और राजस्व संवर्धन के प्रति प्रतिबद्ध है तथा आगामी खनन सत्र की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

 


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