केेन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री एवं सांसद अजय भट्ट नेनैनीताल की परिस्थिति की और पर्यावरण के अध्ययन और इस पर पाठ्य सामग्री के निर्माण की महत्वपूर्ण योजना प्रारम्भ की।

ख़बर शेयर करें -

रोशनी पाण्डेय – सह सम्पादक

नैनीताल – यह बहुत ही हर्ष का विषय है कि कुमाऊं विश्वाविद्यालय डीएसबी परिसर नैनीताल के अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन केंद्र के तत्वाधान में युवा हिंदी संस्थान न्यू जर्सी अमेरिका और न्यू यॉर्क विश्वाविद्यालय की प्रोफेसर गैब्रीयेला निक इलियेवा के सहयोग से नैनीताल की परिस्थिति की और पर्यावरण के अध्ययन और इस पर पाठ्य सामग्री के निर्माण की महत्वपूर्ण योजना प्रारम्भ की गई है। यह बात केेन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री एवं सांसद अजय भट्ट ने कार्यक्रम में कही।

 

 

 

भट्ट ने कहा कि मेरा विश्वास है कि विश्व के इतने विशिष्ठ और चुनिंदा संस्थानों के प्रतिनिधियों द्वारा अध्ययन के बाद निश्चय ही महत्वपूर्ण सामग्री तैयार होगी जो कुमाऊं विश्वाविद्यालय सहित पूरे उत्तराखंड के लिए बहुत महत्वपूर्ण व उपयोगी होगी। उन्होंने कहा कि कुमाऊं विश्वाविद्यालय और पत्रकारिता विभाग के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन और अमेरिका आये प्रसिद्ध संस्थानों के प्रतिनिधियों को नैनीताल लाने के लिए पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार प्रो. गिरीश रंजन तिवारी के प्रयासों की हार्दिक सराहना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई देता हूँ।

यह भी पढ़ें 👉  धामी सरकार की प्राकृतिक खेती नीति को मिली नई मजबूती, नाबार्ड समर्थित जैव नियंत्रण इकाई से नैनीताल के किसानों को मिलेगा लाभ।

 

 

मंत्री  भटट ने कहा कि जनपद नैनीताल में पर्यावरण संरक्षण के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। जनपद में ग्राम्य विकास विभाग एवं वन विभाग द्वारा 86 अमृत सरोवर का कार्य गतिमान है जिसमें 50 सरोवर पूर्ण हो गए हैं। मनरेगा अंतर्गत 1067 जल संरक्षण कार्य, 334 वृक्षारोपण कार्य तथा 447 परंपरागत जल स्त्रोत के संवर्धन का कार्य किया गया। 1474 ऐसे कार्य किए गए जिनमें भूमि कटाव को रोकने का प्रयास किया गया। उद्यान विभाग द्वारा 1.41 लाख फलदार पौधों का रोपण कर आजीविका संवर्धन का कार्य किया गया है। ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से 172 बायो गैस संयत्र का निर्माण किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  एसएसपी मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर नशामुक्ति अभियान, स्कूली बच्चों को किया जागरूक।

 

 

भट्ट ने कहा कि बालियानाला की संवेदनशीलता को देखते हुए JICA। के माध्यम से DPR तैयार किया जा रहा है। विगत वर्षाे में कोविड 19 के कारण डीपीआर तैयार करने में विलम्ब हुआ है। Deep seated anchors] Deep hydro seeding] Gabion walls ,oa micro piling कुछ ऐसे कार्यों के किए जाने का सुझाव है जिससे बालियानला में भू स्खलन रोकने में मदद मिलेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट में लगभग रुपए 200 करोड़ का व्यय होगा।

यह भी पढ़ें 👉  मंत्री कैड़ा ने किया कालाआगर-धुरा मोटर मार्ग का लोकार्पण, ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी।

 

 

कार्यक्रम में विधायक सरिता आर्य, मुख्य वक्ता प्रो. अजय रावत और कार्यक्रम के लिए अमेरिका से आये श्युवा हिंदी संस्थान के  अशोक ओझा और गैब्रीयेला जी सहित अमेरिका के कैलीफोर्निया विश्वाविद्यालय, पेंसिलवेनिया विश्वाविद्यालय, कंसास विश्वाविद्यालय, वेंडरबिल्ट विश्वविद्यालय, सैसली विश्वविद्यालय मैडिसन, जर्सी सिटी बोर्ड और हिंदी भाषा अकादमी आदि अत्यंत प्रतिष्ठित संस्थानों से आये प्रतिनिधियों सहित परिसर निदेशक प्रो. एल एम जोशी और कुमाऊं विश्वाविद्यालय परिवार के समस्त प्रतिभागियों और विद्यार्थियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।


ख़बर शेयर करें -

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *