धूम-धाम से मनाया गया प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का लोकपर्व फूलदेई।

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उधम सिंह राठौर –  प्रधान संपादक

धूम-धाम से मनाया गया प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का लोकपर्व फूलदेई” दीप्ती: हमारे विलुप्त होते हुए लोकपर्वों को बढ़ावा देने से ही हमारी संस्कृति उजागर होगी और पहाडों की परंपराएं कायम भी रहेंगी। हम चाहे जहाँ भी रहें अपने लोकपर्वों को जरूर मनाएं।

 

 

श्रीनगर गढ़वाल में आज फूलदेई कार्यक्रम बड़ी धूम-धाम से मनाया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ती रावत भारद्वाज उपस्थित रही। श्रीनगर में आज प्रात: से ही नागेश्वर मंदिर में फूलदेई कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु छोटे छोटे नन्हे मुन्ने बच्चों ने एकत्रित होकर पूरे बाजार क्षेत्र में दिव्य एवं भव्य यात्रा निकालते हुए वापस आदिति पैलेस में पहुंचे, जहां कार्यक्रम को सफल बनाने वालों को पुरस्कृत भी किया गया ।

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फूलदेई उत्तराखंड का प्रमुख लोकपर्व है। इसमें छोटे बच्चे सुबह-सवेरे फूल लेकर लोगों की देहरियों पर रखते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। चैत्र मास कि प्रथम तिथि को फूलदेई पर्व मनाया जाता है। फूलदेई त्योहार को फुलारी, फूल संक्रांति भी कहते हैं। यह पर्व प्रकृति से जुड़ा हुआ है। इन दिनो पहाड़ों में जंगली फूलों की बहार रहती है। उत्तराखंड का हर बालक-बालिका बचपन से ही इस पर्व के माध्यम से अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ जाता है।

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इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री भाजपा महिला मोर्चा दीप्ति रावत, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की धर्मपत्नी डा० दीपा रावत, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत ,भाजपा पौड़ी जिले के प्रभारी विजय कप्रवाण, जिला महामंत्री गिरीश पैन्यूली, जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र रावत , लखपत भण्डारी ,फूलदेई कार्यक्रम समिति के संयोजक अनूप बहुगुणा , भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष सुधीर जोशी एवं स्कूल की छात्र छात्राएं मौजूद रही ।

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