मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दिये समय पर सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश।

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उधम सिंह राठौर –  प्रधान संपादक

मुख्यमंत्री ने की रामनगर में आयोजित होने वाली जी20 बैठक की समीक्षा। उत्तराखण्ड की विश्व स्तर पर पहचान बनाने का अवसर है जी 20 बैठक। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये समय पर सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश। उत्तराखण्ड में आयोजित होने वाली बैठकें जी 20 की अन्य बैठकों के लिये बने उदाहरण। जी 20 बैठकों के आयोजन का किया जाय व्यापक प्रचार-प्रसार।

 

 

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में जी 20 बैठक की आयोजन व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने इस माह के अंत में रामनगर में होने वाली जी 20 की पहली बैठक की सभी आवश्यक व्यवस्थायें समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये। आयोजन की व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की भी कोई कमी न रहे यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस सन्धु एवं शासन के उच्चाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयुक्त कुमाऊँ तथा जिला अधिकारी ऊधमसिंह नगर व नैनीताल भी बैठक से जुड़े रहे।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि जी 20 की राज्य में आयोजित होने वाली बैठकों से विश्व स्तर पर उत्तराखण्ड की पहचान बनने का अच्छा अवसर है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को इस आयोजन की व्यवस्थाओं की समय से सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर्यटन एवं जैव विविधता से पूरे विश्व को परिचित कराने का भी यह अवसर है इसके लिये सभी स्तरों पर बेहतर व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाये।

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जिलाधिकारी उधमसिंह नगर एवं नैनीताल को उन्होंने निर्देश दिये कि पंतनगर से रामनगर तक के सड़क मार्ग को सुव्यवस्थित किया जाय। सड़कों की मरम्मत के साथ मार्ग के आस पास के क्षेत्रों में सफाई, सुरक्षा एवं सौन्दर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाये।

 

 

 

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का भी यह अच्छा अवसर है। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि जिन उत्पादों को हम व्यापक स्तर पर वैश्विक पहचान दिला सकते हैं, उनकी विशिष्टता की पहचान कर ली जाए।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जी-20 की बैठकों में आयोजन स्थल पर उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्टॉल लगाये जाएं। उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। आयोजन स्थल पर योग एवं पंचकर्म की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले जी-20 की बैठक के बेहतर आयोजन के लिए राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के सुझाव भी लिया जाये। इस संबंध में व्यापक जन जागरूकता के प्रचार पर भी उन्होंने बल दिया।

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बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, डॉ. इकबाल अहमद, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी तथा वन, स्वास्थ्य एवं पुलिस के उच्चाधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं  दीपक रावत, जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर  युगल किशोर पंत, जिलाधिकारी नैनीताल  धीराज सिंह गर्ब्याल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


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