
वन्यजीव संरक्षण में कॉर्बेट का जलवा, सात वन अफसर होंगे सम्मानित, सूची में पहले नंबर पर बिन्दरपाल, 8 अक्टूबर को लोकभवन में मिलेगा सम्मान।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
रामनगर। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। वन्यजीव सप्ताह-2026 के समापन समारोह में उत्तराखंड के सात वन अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा। खास बात यह है कि जारी आधिकारिक सूची में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के सहायक वन संरक्षक बिन्दरपाल का नाम सबसे पहले स्थान पर दर्ज है। विभागीय स्तर पर जारी इस सूची के सामने आने के बाद कॉर्बेट में खुशी का माहौल है।

प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव/मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखंड के कार्यालय से 6 अक्टूबर को जारी पत्र में वन्यजीव संरक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले सात अधिकारियों के नाम घोषित किए गए हैं। सूची में पहले नंबर पर कार्बेट टाइगर रिजर्व के सहायक वन संरक्षक बिन्दरपाल को स्थान दिया गया है। इसके बाद नरेंद्रनगर वन प्रभाग के सहायक वन संरक्षक किशोर कुमार नौटियाल, अल्मोड़ा वन प्रभाग की सहायक वन संरक्षक काकुल पुंडीर और अपर यमुना वन प्रभाग के सहायक वन संरक्षक साधु लाल का नाम है।
वहीं नरेंद्रनगर वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी महेश प्रसाद सेमवाल, मसूरी वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी हरीश गैरोला और तराई पूर्वी वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र सिंह रैकुनी को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा।
सातों अधिकारियों को 8 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे देहरादून स्थित लोकभवन में आयोजित वन्यजीव सप्ताह-2026 के समापन समारोह में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय पर समारोह में पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व देश-दुनिया में बाघ और वन्यजीव संरक्षण के लिए अपनी अलग पहचान रखता है। ऐसे में सम्मानित होने वाले सात अधिकारियों की सूची में कॉर्बेट के बिन्दरपाल का पहले नंबर पर होना रामनगर और कॉर्बेट के लिए खास उपलब्धि माना जा रहा है। वन्यजीव संरक्षण, जंगल की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच विभागीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को यह सम्मान दिया जा रहा है।
विभाग ने समारोह की गरिमा को देखते हुए वन क्षेत्राधिकारियों को निर्धारित यूनिफॉर्म तथा सहायक वन संरक्षकों को औपचारिक वेशभूषा में उपस्थित होने के निर्देश भी दिए हैं।
कॉर्बेट से बिन्दरपाल का नाम सूची में पहले स्थान पर शामिल होना इस बात का संकेत है कि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कॉर्बेट की भूमिका और यहां तैनात वन अधिकारियों के कार्य को विभागीय स्तर पर विशेष महत्व दिया जा रहा है।







