
अल्पसंख्यक समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध, आधुनिक शिक्षा और समान अधिकारों पर जोर: मुख्यमंत्री धामी।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
देहरादून में अल्पसंख्यक मोर्चा महानगर द्वारा आयोजित ‘लाभार्थी सम्मेलन’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास है और यही विश्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रेरणा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के स्थान पर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री धामी ने समान नागरिक संहिता (UCC) का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड इसे लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। उनके अनुसार यह कानून महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, किसानों की आय बढ़ाने, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, पेयजल और सामाजिक सुरक्षा सहित सभी क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रही है। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकारी योजनाओं से उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक विनोद चमोली, पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, देहरादून महापौर सौरभ थपलियाल सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।




