उधम सिंह नगर में पुलिस उपमहानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र निलेश आनंद भरणे द्वारा पीड़ित पर हुए अपराध की समीक्षा हेतु विवेचक व वादी दोनो पक्षों को बुलाकर मौके पर ही समस्या का किया निस्तारण।

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रोशनी पाण्डेय- सह सम्पादक

जनपद उधमसिंहनगर के थाना रुद्रपुर, ट्रांजिट कैम्प, किच्छा, पन्तनगर, दिनेशपुर व गदरपुर में वर्ष 2022 में अब तक हुए अपराध धारा 323,324,325,326,307,376 एवं पोक्सो अधिनियम आदि से सम्बन्धित अभियोगों में पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही की जमीनी हकीकत जानने हेतु ऐसे विवेचनाधीन अभियोगों के वादी/ पीड़ितों के साथ आज दिनांक 30.04.2022 को समय 12:00 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रुद्रपुर में पुलिस उपमहानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र डीआईजी कुमाऊं निलेश आनंद भरणे द्वारा संवाद किया गया। 50 से ज्यादा मामलों के वादी व उनके परिजन अपनी समस्या लेकर पुलिस कार्यालय में उपस्थित हुए उनके द्वारा अपनी विवेचनाओ से संबंधित समस्याओं के बारे में डीआईजी कुमाऊं निलेश आनंद भरणे को अवगत कराया गया। महोदय द्वारा तत्काल मौके पर ही शिकायतों का निस्तारण संबंधित विवेचक को निर्देशित कर किया गया।

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महोदय द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त संवाद में यह देखा गया की पुलिस द्वारा पीड़ित की एफआईआर ठीक तरह से दर्ज की गई हैं उनके द्वारा जो एफ आई आर दर्ज कराई गई है उसमे अपेक्षित कार्यवाही पूर्ण हो गई है। आरोप सिद्ध होने पर समय से आरोप पत्र प्रेषित किया जा चुका है व संगीन धाराओं में अपराध करने वाले अभियुक्तों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो सके और उन अभियुक्त गणों को जमानत ना मिल पाए और भविष्य में इन अभियुक्तों के विरुद्ध और अधिक प्रीवेंटिव कार्यवाही की जाए तथा एसिड अटैक, रेप से संबंधित मामलों में पीड़ित को कंपनसेशन मिलता है उक्त संबंध में भी डीआईजी द्वारा पीड़ित पक्ष को जानकारी दी गई व पीड़ित से डीआईजी द्वारा यह भी पूछा गया कि आपको अभियोग पंजीकृत कराने के बाद भी किसी प्रकार से प्रतिवादी द्वारा धमकाया या डराया जा रहा है।

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तो भी उसकी सूचना पुलिस को दें पुलिस द्वारा पीड़ित को सुरक्षा दिलाई जाएगी उक्त संवाद का मुख्य उद्देश्य पीड़ित के मन में कानून के प्रति भरोसा व सुरक्षा की भावना उत्पन्न हो और उसका कानून के प्रति विश्वास और अधिक बड़े। उक्त संवाद कार्यक्रम से पीड़ित पक्ष काफी संतुष्ट दिखे डीआईजी द्वारा बताया गया इस तरीके के कार्यक्रम भविष्य में भी किए जाएंगे जिससे पीड़ित पक्ष को न्याय मिलेगा व उनका विश्वास कानून व पुलिस के प्रति रहे।

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