केदारनाथ और हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजनाओं में तेजी, मुख्य सचिव ने दिए समयबद्ध कार्य पूरे करने के निर्देश।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
देहरादून, 22 जून। उत्तराखण्ड में बहुप्रतीक्षित केदारनाथ एवं हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजनाओं को गति देने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
मुख्य सचिव ने वन भूमि स्वीकृति (फॉरेस्ट लैंड क्लीयरेंस) की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा सभी आवश्यक सर्वेक्षण निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यूटिलिटी शिफ्टिंग, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि रोपवे परियोजनाओं के आसपास पार्किंग, लास्ट माइल कनेक्टिविटी तथा व्यावसायिक गतिविधियों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। साथ ही स्थानीय हितधारकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने पर भी बल दिया गया।
एनएचएलएमएल के अधिकारियों ने बताया कि केदारनाथ रोपवे परियोजना के तहत लिडार सर्वे, वीडियोग्राफी और टोपोग्राफी सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। गौरीकुंड एवं सोनप्रयाग स्टेशन क्षेत्रों में जियो-टेक्निकल सर्वे भी पूर्ण कर लिया गया है, जबकि अंतिम अलाइनमेंट जून 2026 तक तय होने की संभावना है। परियोजना के लिए देहरादून से सोनप्रयाग तक लॉजिस्टिक्स ड्राई रन भी सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
वहीं हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजना के लिए भूमि सर्वेक्षण का कार्य जारी है। खराब मौसम के कारण ड्रोन सर्वे में कुछ देरी हुई, लेकिन अंतिम हिस्से के लिए डीजीपीएस और लिडार सर्वे दोबारा शुरू कर दिया गया है।
बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, धीराज गर्ब्याल सहित एनएचएलएमएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




