संतों के आशीर्वाद से बनेगा श्रेष्ठ उत्तराखण्ड, सनातन संस्कृति हमारी पहचान : मुख्यमंत्री धामी।

ख़बर शेयर करें -

संतों के आशीर्वाद से बनेगा श्रेष्ठ उत्तराखण्ड, सनातन संस्कृति हमारी पहचान : मुख्यमंत्री धामी।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

हरिद्वार, 22 जून। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सोमवार को हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में प्रतिभाग करते हुए संत-महात्माओं का अभिनंदन किया। उन्होंने आश्रम द्वारा समाज सेवा, संस्कार निर्माण और जनजागरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि संत समाज भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्र चेतना का संवाहक रहा है तथा इतिहास में संतों और मनीषियों ने समाज को दिशा देने के साथ राष्ट्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभाई है।

यह भी पढ़ें 👉  गैंगस्टर एक्ट का फरार आरोपी गिरफ्तार, जिला बदर की कार्रवाई से पहले पुलिस के हत्थे चढ़ा।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए दौर से गुजर रहा है। Ram Mandir, Kashi Vishwanath Dham, Mahakal Lok तथा Kedarnath Temple के पुनर्विकास जैसे कार्य भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

यह भी पढ़ें 👉  केदारनाथ और हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजनाओं में तेजी, मुख्य सचिव ने दिए समयबद्ध कार्य पूरे करने के निर्देश।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता, आध्यात्मिक पहचान और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लागू किए गए हैं। साथ ही सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

 

 

 

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने के लिए Doon University में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है, जहां भारतीय दर्शन, संस्कृति और सभ्यता पर उच्चस्तरीय अध्ययन एवं शोध कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा हरिद्वार में प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना भी की जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  योग को बनाएं जीवन का हिस्सा, नशे से रहें दूर : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने पूज्य स्वामी हरिचेतानन्द जी महाराज का आभार व्यक्त करते हुए संत समाज से राज्य और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि संतों के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा।

 

 

कार्यक्रम में Ramesh Pokhriyal Nishank, Ritu Khanduri Bhushan, Satpal Maharaj, Pradeep Batra सहित अनेक संत-महात्मा और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


ख़बर शेयर करें -