आईजी निवेदिता कुकरेती का बड़ा संदेश—’अपराध छिपाएं नहीं, पुलिस को तुरंत बताएं’।

आईजी निवेदिता कुकरेती का बड़ा संदेश—’अपराध छिपाएं नहीं, पुलिस को तुरंत बताएं’।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

हल्द्वानी, 7 अगस्त। आईजी कुमाऊँ श्रीमती निवेदिता कुकरेती (आईपीएस) ने शुक्रवार को कोतवाली हल्द्वानी सभागार में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और पुलिस-जन सहयोग को मजबूत बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का आयोजन एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में किया गया।

 

 

कार्यक्रम की शुरुआत आईजी कुमाऊँ ने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी लेकर की। इसके बाद एसपी अपराध/यातायात डॉ. जगदीश चंद्र ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संचालन एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और एसपी संचार रेवाधर मठपाल ने किया।

यह भी पढ़ें 👉  देवभूमि की लोक संस्कृति हमारी पहचान, नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारी: सीएम धामी।

 

 

 

जनसंवाद के दौरान आईजी ने “देवभूमि का सुरक्षा कवच” अभियान के तहत साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, एआई आधारित साइबर अपराध, फर्जी निवेश, डिजिटल अरेस्ट और म्यूल अकाउंट जैसे नए साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए। साथ ही साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन, cybercrime.gov.in पोर्टल और Money Restoration Module (MRM) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की अपील की।

यह भी पढ़ें 👉  कॉर्बेट की सड़कों पर वन्यजीवों की लोकेशन शेयर करने वालों पर कार्रवाई, 5 सोशल मीडिया अकाउंट्स को नोटिस।

 

 

 

महिला एवं बाल सुरक्षा के तहत जीरो एफआईआर, महिला हेल्पलाइन-181, SOS सुविधा, वन स्टॉप सेंटर (सखी), महिला चीता पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 और नवीन आपराधिक कानूनों की जानकारी दी गई। सड़क सुरक्षा पर गोल्डन ऑवर, गुड समैरिटन (राह-वीर) योजना, एएनपीआर कैमरे, ई-चालान और ब्लैक स्पॉट सुधार जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

 

आईजी ने नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए नागरिकों से 1800-137-7001 (Dial Against Drugs) और MANAS पोर्टल के माध्यम से गोपनीय सूचना देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि आसपास कहीं भी नशे का कारोबार या किसी अपराध की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

यह भी पढ़ें 👉  आदर्श रामलीला समिति के संचालन और चुनाव पर उठे सवाल, प्रशासन ने कसा शिकंजा, शिकायत के बाद पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित, पंजीकरण से लेकर सदस्यता और वित्तीय लेनदेन तक की होगी पड़ताल।

 

 

 

कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, व्यापार मंडलों, सामाजिक संगठनों, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा पुलिस के समक्ष जनहित से जुड़े कई मुद्दे रखे। आईजी ने सभी सुझावों और शिकायतों के समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया। स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और नशामुक्त समाज के विषयों पर विशेष रुचि दिखाई।