रामनगर पहुंची मूकबधिर महिला को पुलिस व समाजसेवियों ने सोशल मीडिया की मदद परिजनों से मिलाये जाने का सराहनीय कार्य किया।

ख़बर शेयर करें -

रोशनी पाण्डेय – सह सम्पादक

रामनगर। परिजनों से बिछुड़कर भटककर रामनगर पहुंची मूकबधिर महिला को पुलिस व समाजसेवियों ने सोशल मीडिया की मदद परिजनों से मिलाये जाने का सराहनीय कार्य किया गया। मिली जानकारी के अनुसार बीती 20 नवम्बर की रात्रि 55 वर्षीय एक गूंगी व बहरी महिला को रोडवेज बस के स्टाफ के द्वारा भवानीगंज में उतार दिया गया। अज्ञात शहर में खुद को असहाय की तरह पाकर महिला रोने लगी तो आसपास के दुकानदारो ने समाजसेवी अज़ीम अंसारी को इक्तला दी जिन्होंने महिला को कोतवाली पहुंचाया जहां से रात्रि होने के कारण महिला को अनस सिद्दीकी के घर सुला दिया गया तथा सुबह होने पर उसे कोतवाली लाया गया।

यह भी पढ़ें 👉  बैसाखी पर सीएम पुष्कर सिंह धामी से सिख प्रतिनिधिमंडल की भेंट, सरोपा भेंट कर जताया आभार।

 

 

जहाँ महिला होमगार्ड नीलम चौधरी द्वारा महिला की तलाशी में जसपुर से रामनगर का टिकट मिला इस बीच कोतवाल अरुण कुमार सैनी व एसएसआई प्रेम विश्वकर्मा व नीलम चौधरी के द्वारा समाजसेवियों से सोशल मीडिया पर पोस्ट अपडेट करायी गयी मगर देररात्री तक कोई नतीजा नही मिला तथा समाजसेवी डॉ.ज़फर सैफ़ी व बंटी अरोड़ा के द्वारा रात्रि में महिला के रुकने व खाने पीने का इंतज़ाम किया। मंगलवार की दोपहर महिला के परिजनो का पता लग सका तथा महिला के पुत्र भूरा की वीडियो कॉल पर बात होने के उपरांत महिला की शिनाख्त नईमा पत्नी नफीस अहमद, निवासी बड़ापुर, नगीना (बिजनोर) के रूप मे हुयी।

यह भी पढ़ें 👉  रामनगर कॉलेज में सृजनात्मकता की झलक, प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भागीदारी।

 

 

देर रात्रि रामनगर कोतवाली पहुंचे परिजन महिला को अपने साथ ले गये तथा उन्होंने समाजसेवी डॉ.ज़फर सैफ़ी, कोतवाली की महिला होमगार्ड नीलम चौधरी, एसआई मनोज अधिकारी, समाजसेवियों के प्रति आभार व्यक्त किया।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *