कालागढ़ से उच्च हिमालय तक अध्ययन भ्रमण पर रवाना हुए प्रशिक्षु वन आरक्षी वन एवं वन्यजीव संरक्षण, भूमि संरक्षण और पौधशाला प्रबंधन की बारीकियां सीखेंगे प्रशिक्षु।

कालागढ़ से उच्च हिमालय तक अध्ययन भ्रमण पर रवाना हुए प्रशिक्षु वन आरक्षी

वन एवं वन्यजीव संरक्षण, भूमि संरक्षण और पौधशाला प्रबंधन की बारीकियां सीखेंगे प्रशिक्षु।

 

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

कालागढ़। कॉर्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र, कालागढ़ के प्रशिक्षु वन आरक्षियों का दल मैदानी एवं पर्वतीय वन क्षेत्रों के अध्ययन भ्रमण पर रवाना हुआ। वनक्षेत्राधिकारी एनके रूवाली ने प्रशिक्षुओं को अनुशासन बनाए रखने और विभागीय नियमों का पालन करने का संदेश देते हुए दल को रवाना किया। इस अध्ययन भ्रमण दल का प्रतिनिधित्व कार्यालय प्रभारी सुनील कुमार कर रहे हैं।

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अध्ययन भ्रमण के दौरान प्रशिक्षु वन आरक्षी हरिद्वार वन प्रभाग के चीला, रसियाबाड़, ऋषिकेश, देहरादून, रामपुर मंडी, कनासर, बुधेर टॉप, जरमोला, धार, पुरोला, जानकी चट्टी, यमुनोत्री, धरासू, गंगोत्री, कमांद, बिरही और चौपता सहित विभिन्न वन क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे। इस दौरान उन्हें मैदानी और उच्च हिमालयी क्षेत्रों की वन संपदा, पर्यावरणीय परिस्थितियों तथा वन प्रबंधन से जुड़े कार्यों की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी।

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प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक बिंदर पाल ने बताया कि अध्ययन भ्रमण वन आरक्षियों के प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से प्रशिक्षुओं को उच्च हिमालयी वनों, भूमि संरक्षण कार्यों, पौधशाला प्रबंधन और नेचर पार्क के संचालन से संबंधित जानकारी प्राप्त होगी। इसके साथ ही फॉरेंसिक लैब में वन्यजीवों के अवैध व्यापार की रोकथाम से जुड़े तकनीकी पहलुओं को समझने का अवसर भी मिलेगा।

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उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान प्राप्त व्यावहारिक ज्ञान प्रशिक्षुओं के सेवाकाल में उपयोगी साबित होगा। इससे वन एवं वन्यजीव संरक्षण, अवैध वन्यजीव व्यापार पर अंकुश लगाने और विभागीय जिम्मेदारियों के बेहतर निर्वहन में सहायता मिलेगी।