तीन घंटे तक वाटर हॉल के पास डटी रही बाघिन, गार्जिया जोन में पर्यटकों को मिले रोमांचक दीदार।

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तीन घंटे तक वाटर हॉल के पास डटी रही बाघिन, गार्जिया जोन में पर्यटकों को मिले रोमांचक दीदार।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के गार्जिया जोन में बुधवार को पर्यटकों को वन्यजीवन का एक दुर्लभ और रोमांचकारी नजारा देखने को मिला। एक बाघिन करीब तीन घंटे तक कच्चे वाटर हॉल के आसपास मौजूद रही, जिससे जोन में सफारी कर रहे सभी लगभग 30 जिप्सियों के पर्यटकों को उसके स्पष्ट और शानदार दीदार हुए।

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बाघिन की लंबे समय तक एक ही स्थान पर मौजूदगी ने पर्यटकों को रोमांच से भर दिया। कैमरों में कैद हुए इस यादगार दृश्य ने वन्यजीव प्रेमियों को कॉर्बेट की समृद्ध जैव विविधता की एक अनूठी झलक दिखाई। गाइडों और प्रकृति प्रेमियों के अनुसार, बाघिन का कच्चे वाटर हॉल के आसपास बने रहना इस बात का संकेत है कि वन्यजीव प्राकृतिक स्वरूप वाले जल स्रोतों को अधिक पसंद करते हैं।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना वन्यजीव प्रबंधन के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देती है। यदि जंगलों में सोलर पंपिंग व्यवस्था के माध्यम से अधिक कच्चे वाटर हॉल विकसित किए जाएं तो वन्यजीवों को उनकी प्राकृतिक आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर जल स्रोत उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

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गार्जिया जोन में हुए इन अद्भुत दीदारों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और समृद्ध आवास है। बाघिन की इस दुर्लभ मौजूदगी ने पर्यटकों की सफारी को यादगार बना दिया और कॉर्बेट के सफल संरक्षण प्रयासों को भी रेखांकित किया।