महिलाओं के सम्मान में धामी सरकार का बड़ा कदम, तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि बढ़ी।

महिलाओं के सम्मान में धामी सरकार का बड़ा कदम, तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि बढ़ी।
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महिलाओं के सम्मान में धामी सरकार का बड़ा कदम, तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि बढ़ी।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

देहरादून। तीलू रौतेली जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की मातृशक्ति को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और 35 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने इस दौरान तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने की घोषणा की। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की राशि 51 हजार से बढ़ाकर 61 हजार रुपये किए जाने का ऐलान किया।

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मुख्यमंत्री धामी ने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बधाई देते हुए कहा कि तीलू रौतेली जयंती उत्तराखंड के इतिहास और नारी शक्ति के स्वाभिमान का गौरवशाली अवसर है। वीरांगना तीलू रौतेली अदम्य साहस, पराक्रम और नारी शक्ति की अमर प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों के साथ-साथ वीरांगनाओं की भूमि भी रही है। तीलू रौतेली का जीवन स्वाभिमान, साहस और संघर्ष की प्रेरणा देता है। आज सम्मानित की गई महिलाएं प्रदेश की अन्य बेटियों और मातृशक्ति के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मातृशक्ति के सशक्तीकरण को सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लगातार काम कर रही है। महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण, मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना और उद्यमिता विकास कार्यक्रम जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

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उन्होंने कहा कि बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और स्वरोजगार तक सरकार हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, स्वास्थ्य और संस्कारों में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम कड़ी के रूप में काम कर रही हैं।

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उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 से बढ़ाकर 9,300 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 4,500 से बढ़ाकर 6,250 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 3,550 से बढ़ाकर 5,250 रुपये किया गया है। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति का प्रावधान भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरस्कार राशि में की गई वृद्धि केवल आर्थिक सम्मान नहीं है, बल्कि प्रदेश की मातृशक्ति के सेवा, समर्पण और योगदान के प्रति सरकार के सम्मान का प्रतीक है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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