जंगल की छाती पर अवैध कब्जा, वन माफिया–होटल गठजोड़ का खेल! जंगल में खड़ी कर दी अवैध पार्किंग
धामी सरकार के अतिक्रमण अभियान को झटका! जंगल की जमीन पर अवैध पार्किंग का खेल।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
रामनगर क्षेत्र के ग्राम क्यारी में वन भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami द्वारा प्रदेश को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ अधिकारी और कर्मचारी ही सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते नजर आ रहे हैं।
आरोप है कि एक होटल संचालक ने वन विभाग की कथित सांठगांठ से जंगल की भूमि को अवैध रूप से पार्किंग स्थल में तब्दील कर दिया। जिस स्थान पर कभी घना जंगल और वन्यजीवों की आवाजाही होती थी, वहां अब पर्यटकों के वाहनों की कतारें दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना विभागीय संरक्षण के वन भूमि का इस तरह व्यावसायिक उपयोग संभव नहीं हो सकता।
क्षेत्रवासियों के अनुसार होटल प्रबंधन द्वारा नियमों को दरकिनार कर जंगल की जमीन का निजी उपयोग किया जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर भी खतरा मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में यह अतिक्रमण और भी बढ़ सकता है।
मामले को लेकर अब कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या संबंधित अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मौन बने हुए हैं? यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल सरकारी भूमि पर कब्जा नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के साथ बड़ा खिलवाड़ माना जाएगा।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, अवैध पार्किंग को तत्काल हटाने तथा दोषी होटल संचालक और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वही प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जो प्रदेश को अतिक्रमण अतिक्रमण मुक्त करना चाहते हैं वह अब इस पर क्या संघान लेते हैं और संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है कि नहीं यह आने वाला वक्त ही बतायेगा।


